बिज़नेस: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर वायरल हो रहे एआई जनरेटेड डीपफेक वीडियो पर कड़ा रुख अपनाया है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में गडकरी ने साफ कहा है कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने या E20 पेट्रोल योजना से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी योजना केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आती है और उन्हें गलत तरीके से इस मुद्दे से जोड़ा जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यह दावा किया जा रहा था कि गडकरी और उनका परिवार एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम से लाभ कमा रहा है। मंत्री ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें Meta, X और Google जैसी कंपनियों के खिलाफ सिविल मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय को भी इस मामले में प्रतिवादी बनाया गया है। गडकरी ने अदालत में यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी सरकारी नीति पर बहस या आलोचना को रोकना नहीं है, बल्कि केवल झूठे और एआई से तैयार किए गए फर्जी वीडियो के खिलाफ कार्रवाई करना है। इस बीच E20 पेट्रोल को लेकर देश में बहस लगातार तेज है। वर्ष 2023 से पहले बनी कई पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों का दावा है कि E20 ईंधन इस्तेमाल करने से माइलेज कम हो रहा है, इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है। हालांकि सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से आयातित तेल पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। अब इस पूरे मामले पर सबकी नजर अदालत में होने वाली अगली सुनवाई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।
डीपफेक वीडियो पर भड़के नितिन गडकरी, बोले- E20 पेट्रोल से मेरा कोई लेना-देना नहीं, Meta-X पर करेंगे केस
